राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 64 of 115
वृन्दावन तजि सुख नहीं, भजि चल भजि चल वीर।
पैहैं मांगि मधूकरी, पीहैं जमुना नीर॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (254)
वृन्दावन में कोई सुख नहीं, आगे बढ़ो, आगे बढ़ो, आगे बढ़ो वीर। पहिहन माँगी मधुकरी, पहिहन जमुना नीर.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (254)