राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 82 of 115
किशोरी अब मोरी कुमति हरो ।
निसदिन तुव चरनन अनुरागी, असी कृपा करो । ।
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (१५२)
किशोरी अब मोरी कुमति हरो। निसादिन तुव चरणन अनुरागी, कृपा करो कृपा करो। . - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (152) किशोरी जी, अब मेरी कुमति को आप ही ठीक कर दीजिए। अब आप मुझे आशीर्वाद दीजिये कि वह आपके चरणों की भक्त बनी रहे.