राधा नाम को आधार

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 9 of 115

पशू पखेरू होहु कछु, पाहन पानी घास। मांगों अँचर पसारि नित, वृन्दावन को बास॥ - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, वृंदावन शतक प्रथम (24) पशु कछुआ है, वाहन जल एवं घास है। वृन्दावन की बस रोज फैलाती है आम का रस.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, वृन्दावन शतक प्रथम (24)
राधा नाम को आधारराधा नाम सों चित रांच