राधा नाम पे मैं वारी
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 99 of 115
राधा नाम पे मैं वारी, जो सुमरै अनुराग होत, दृग जुगुल रूप हितकारी॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (200)
मैं राधा के नाम से प्रार्थना करता हूं जो अनुराग का स्मरण करती हैं और जुगुल के रूप में कल्याण करती हैं.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (200)