नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 1 of 106

धनि वृन्दावन धाम है, धनि वृन्दावन नाम। धनि वृन्दावन रसिक जन, सुमिरे राधे श्याम॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (5) धनी वृन्दावन धाम धनी, नाम है धनी वृन्दावन। धनी वृन्दावन रसिक जन, सुमिरे राधे श्याम.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (5)
नारायण दुख सुख उभै