नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 25 of 106

नारायण हरि भजन में, तू जिन देर लगाय। का जाने या देर में, स्वास रहै के जाय॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (41) नारायण हरि भजन मन, जब तुम प्रतीक्षा करो। मन जाने या डरे, आत्मा विजयी रहती है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (41)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै