नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 26 of 106

नारायण बिन बोध के, पण्डित पशु समान। तासों अति मूरख भलो, जो सुमिरै भगवान॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (42) नारायण को समझे बिना पंडित पशु के समान है। वे मूर्ख भालू, जो भगवान को याद करते हैं.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (42)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै