नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 37 of 106
मगन रहे नित भजन में, चलत न चाल कुचाल।
नारायण ते जानिये, यह लालन के लाल॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (60)
प्रतिदिन भजन में लीन रहो, इधर-उधर मत भटको। नारायण को जानो, वह लालन का पुत्र है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (60)