नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 39 of 106
अपनो साखी आप तू, निज मनमाहिं विचार।
नारायण जो खोट है, ताकूँ तुरत निकार॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (64)
तुम मेरे दोस्त हो, तुम मेरे अपने अनचाहे विचार हो। नारायण जो खोत है, ताकुं तुरत निकर.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (64)