नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 43 of 106
छबि निहार गोपाल की, जिहिं न होय आनंद।
नारायण तिहिं जानिये, यही चौथ को चंद॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (67)
गोपाल की छवि देखो तो उसमें कोई आनंद नहीं है. नारायण तिहिं जानो, यह चौथ का छंद है.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (67)