नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 44 of 106

रूप रंग सुन्दर घनो, चतुर कुलवती नार। नारायण तौ का भयो, प्रीतम करत न प्यार॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (70) सुंदर रंग, बुद्धिमान और बुद्धिमान आदमी. नारायण तौ का भयो, प्रीतम करत न प्यार.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (70)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै