नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 49 of 106

रक्षा करी न जीव की, दियो न आदर दान। नारायण ता पुरुष सों, रूख भलो फलवान॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (78) जीव की रक्षा मत करो, उसका सम्मान मत करो। नारायण नर पुत्र हैं, सद्वृत्ति... - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (78)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै