नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 48 of 106

नारायण या जगत में, यह दो वस्तु सार। सब सों मीठो बोलिबो, करिबो पर उपकार॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (74) नारायण या जगत् पुरुष, ये दोनों ही वास्तु के सार हैं। सभी पुत्र मधुर हैं, वे धन्य हैं.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (74)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै