नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 51 of 106

तनक मान मन में नहीं, सब सों राखत प्यार। नारायण ता संतपै, बार-बार बलिहार॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (87) मन में कोई टेंशन नहीं, मन में कोई टेंशन नहीं, ये सब बेटे का प्यार है. नारायण तन संतपै, बाबर बलिहार.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (87)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै