नारायण दुख सुख उभै
Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी
Verse 7 of 106
हिरण्याक्ष जगमें विदित, हिरण्यकशिपु बलवान।
नारायण क्षण में भये, यह सब राख मसान॥
- श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (13)
हिरण्याक्ष जगमेन विदित, हिरण्यकशिपु बलवन्। नारायण मन भाया, ये सब राख हो जाए.. - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (13)