नारायण दुख सुख उभै

Anurag Ras — श्री नारायण स्वामी

Verse 6 of 106

धन यौवन यों जायगो, जा विधि उड़त कपूर। नारायण गोपाल भजि, क्यों चाटे जग धूर॥ - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (11) धन और यौवन को जाने दो, कानून और कपूर को उड़ने दो। नारायण गोपाल भाजी, जग को क्यों चाटें? - श्री नारायण स्वामी, अनुराग रस (11)
नारायण दुख सुख उभैनारायण दुख सुख उभै