रसिक सिरोमनी रसिक पिय, जानत रस की रीति।
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 205 of 268
रसिक सिरोमनी रसिक पिय, जानत रस की रीति।
प्रभुता राखी दूरि कै, भये दीन बस-प्रीति॥
- श्री ध्रुवदास, ब्यालीस लीला, ब्रज लीला (131)
रसिक सिरोमनि रसिक पिया पियें, जानिए जूस की विधि. संप्रभुता दूरी बनाए रखती है, डरावने दिनों में प्रेम बसता है.. - श्री ध्रुवदास, ब्यालिस लीला, ब्रज लीला (131)