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Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 230 of 268

जो कह्यौ श्री हरिवंश रस, बिरलौ समुझनहार। एक दोइ जो पाइयै, खोजत सब संसार॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, रहस्य लता (1) जो कहो श्री हरिवंश रस, बिरलौ समुझनहार। एक दोई जो पिया, खोजत संसार.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, रहस्य लता (1)
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