वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 232 of 268

कुंवरी किशोरी नाम सौं, उपज्यो दृढ़ विश्वास। करूणानिधि मृदु चित अति, तातें बड़ी जिय आस॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (101) कुँवारी कन्या नाम सौं, उपज दृढ़ विश्वास। करुणानिधि मृदु चित अति, ततेन बदै जिया अस.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (101)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिगरजनि घन अरु दामिनी