वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 236 of 268

नवल किशोरी कुँवरि की, सहजहि ऐसी बानि। ताको संग न छाँड़हीं, नैकु सरन गहे आनी॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (56) नवल किशोरी कुमारी, ऐसी ही सरल बात है। ताको संग एन छंदहिं, नायकु सरन गाहे अनी.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, मन शिक्षा (56)
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