वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 39 of 268
अब तौ आहि यहै भली, सबतैं मोह मिटाइ।
रसिक अनन्यनि संग गहि, स्यामा-स्याम लड़ाइ॥
- श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, ख्याल हुल्लास (20)
अब यहाँ अच्छा है, सारा मोह नष्ट हो गया है। रसिक अनन्यानि संग गही, स्याम-स्याम लड़ै.. - श्री हित ध्रुवदास, बयालिस लीला, ख्याल हुल्लास (20)