अतिहिं लालची लाल पिय

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 76 of 268

अतिहिं लालची लाल पिय, निरखत हूँ न अघात। प्रिया-रूप तन-विपिन में, रहे नैंन उरझात॥ - श्री ध्रुवदास, ब्यालीस लीला, प्रेम लता (34) अति लोभी लाल पिया, निरखत हुन अघट। प्रिया-रूप शरीर-विपिन पुरुष, नेत्र और ऊर्जा... - श्री ध्रुवदास, ब्यालिस लीला, प्रेम लता (34)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिवृन्दाविपिन प्रणाम करि