दोऊ कोक कलानि में, पंडित परम प्रवीन
Bihar Chndrika — श्री किशोरी अलि
Verse 1 of 5
दोऊ कोक कलानि में, पंडित परम प्रवीन।
सो रसना कैसे कहौं, रसना नैननि हीन॥
- श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, बिहार चंद्रिका (55)
दोउ कोक कलानि पुरुष, पंडित परम प्रवीण। तो कैसे कहूँ रसना, रसना नैनी हिन.. - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी के शब्द, बिहार चंद्रिका (55)