किती न गोकुल कुल-बधू

Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल

Verse 1 of 20

अपनैं-अपनैं मत लगे, बादि मचावत सोरु। ज्यौं-त्यौं सबकौं सेइबौ, एकै नन्दकिसोरु॥ - श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई (710) अपनों से पंगा मत लेना, ये बहुत बड़ी गलती है। एक नंदकिसोरो सबको देखता है.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतसई (710)
किती न गोकुल कुल-बधू