किती न गोकुल कुल-बधू
Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल
Verse 2 of 20
चिरजीवौ जोरी जुरे, क्यों न सनेह गँभीर।
को घटि ए बृषभानुजा, वे हलधर के बीर॥
- श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई (8)
चिराजिवौ जोरि जुरे, क्यों न सनेह गणभीर। हे जन्मे बृषभानुज, वे हलधर के पुत्र थे.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतसई (8)