कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 103 of 229
कर गहि डार कंदब की, ठाड़े हैं छबि ऐन।
प्रिया-ध्यान माँहिक छके, रहे लाल झुकि नैन॥
- ब्रज के दोहे
मुझे कंदब से डर लगता है, ये तस्वीरें हैं. प्रिया - ध्यान तो तुम पर आकर्षित होता है, आँखें लाल रहती हैं... - braj ke dohe