कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 122 of 229

मकराकृत कुंडल श्रवण, पीतवरन तन ईस। सहित राधिका मो हृदय, बास करो गोपीस॥ - ब्रज के दोहे मकराकृत कुण्डल श्रवण का शरीर पीले रंग से ढका हुआ है। मेरे मन में सही है राधिका, बस करो गोपियों.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की