कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 126 of 229
मेरे हिय सरवर मही, खिल्यौ कृष्णमुख कंज।
यही ध्यान उर आनिये, अद्भुत सुख कौ पुंज॥
- ब्रज के दोहे
हे प्रभु कृपा करो कृष्णमुख कंज। अद्भुत सुख की पुंज है तेरी यह साधना.. -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 126 of 229