कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 125 of 229
मीठौ राधा नाम यश, जिन चाख्यौ एक बार।
बहुरि न आये गर्भमें, उतरी गये भव पार॥
- ब्रज के दोहे
मीठी राधा का नाम है यश, एक बार चख लो. कोख में नहीं है बहू, मैंने तो बहू को जन्म दिया है.. -ब्रज के दोहे