कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 145 of 229

पात-पात पर राधिका, कण-कण पर घनश्याम। अंकित है जिस भूमि पर, वह श्री वृन्दावन धाम॥ - ब्रज के दोहे पत्ते-पत्ते पर राधिका, हर कान पर घनश्याम। जिस भूमि पर लिखा है, वाह श्री वृन्दावन धाम.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की