कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 150 of 229

प्रथम सीस अर्पन करै, पाछै करै प्रवेस। ऐसे प्रेमी सुजन कौ, है प्रवेश यहि देस॥ - ब्रज के दोहे सबसे पहले बहन को तर्पण दें, फिर प्रवेश करें। ऐसा कौन प्रेमी है सुजन, इस देश में प्रवेश करो.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की