कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 156 of 229
प्यारे राधा राधा रटो, भगो नट नागर आवेगो।
तेरे हिय में उठे हिलोर, प्रेम सागर लहरावेगो॥
- ब्रज के दोहे
प्रिय राधा राधा रातो, नट नगर एवेगो की ओर दौड़ो। तुम्हारा ही हृदय उमड़ेगा, प्रेम का सागर लहराएगा... -ब्रज के दोहे