कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 155 of 229

प्रेम नगर ब्रज भूमि है, जहां न जावै कोय। जावै तो जीवै नहीं, जीवै तो बौरा होय॥ - ब्रज के दोहे प्रेम नगर ब्रज भूमि है, जहां किसी को नहीं जाना चाहिए। तुम जाओगे तो जीओगे नहीं, जियोगे तो मूर्ख बनोगे.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की