कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 162 of 229

राधा राधा जे कहत, चहूँ दिश तिनहिं हमेश। आयुध लै रक्षा करत, हरिहर वरुण सुरेश॥ - ब्रज के दोहे राधा राधा कहती हैं, हर दिशा में हमेशा तीन होते हैं। हरिहर वरुण सुरेश शस्त्रों से रक्षा करते हैं। -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की