कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 181 of 229

सब लोकन कौ मुकुटमणि, बरसानौं कमनीय। राधा पद अंकित भई, जहाँ ललित अवनीय॥ - ब्रज के दोहे सकल विश्व का मुकुटमणि, वर्षा का वरदान। राधा पद अंकित भाई, जहां ललित अवनि.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की