कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 184 of 229
सीस काटि भूई धरै, ता पै राखै पाँव।
इश्क़ चमन के बीच में, ऐसा हो तो आव॥
- ब्रज के दोहे
सीस कटि भुइ धरै, ता रही है पा। प्रेम और स्नेह के बीच अगर कुछ ऐसा हो जाए... -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 184 of 229