कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 191 of 229

श्री राधा पद पंकज निरखि, इक टक लाल लुभाय। लिये महावर हाथ में, रंग भर्यौ नहिं जाय॥ - ब्रज के दोहे श्री राधा पद पंकज निरखि, इक तक लाल लुभाय। हाथ में महावर लेकर रंग लगाने न जाएं.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की