कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 195 of 229

श्री राधे प्राणन बसी, और न कछू सुहाय। दर्शन दीजै राधिके, मन मन्दिर में आय॥ - ब्रज के दोहे श्रीराधे प्रणाम बसि, दूजा न कोई हितकारी। दर्शन दो मुझको राधिका, मन मंदिर में आता है.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की