कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 196 of 229

श्री राधे मेरी स्वामिनी, मैं राधे जू को दास। जनम जनम मोहि दीजियो, श्री वृन्दावन को वास॥ - ब्रज के दोहे श्रीराधे मेरी स्वामिनी है, मैं राधेजू का दास हूँ। जनम जनम मोहि दीजियो, कृपा करो श्री वृन्दावन.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की