कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 199 of 229
श्रीराधे सर्वेश्वरी, रस सरिता सुख पुँज।
वृन्दाविपिन विहारिणी, विहरो मम मन कुँज॥
- ब्रज के दोहे
श्रीराधे सर्वेश्वरी, रस सरिता सुख पुंज। वृंदाविपिन विहारिणी, विहारो मम मन कुंज.. -ब्रज के दोहे