कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 200 of 229

श्वेतोत्पल दल सम सुखद, विभ्रद मणि मय वास। कोटि कोटि शत दंडवत, राधा पद प्रति श्वास॥ - ब्रज के दोहे श्वेतोत्पल दल जितना सुखदायक है, उसमें विभ्रद मणि का वास है। कोटि-कोटि प्रार्थना, हर सांस राधा की... -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीश्याम लाल बैन्दी बनी शोभा बड़ी अपार