कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 20 of 229
भीने अति रस रंग में, नवल रँगीले लाल।
बाहाँ जोरी चलत दोऊ, मत्त मरालनि चाल॥
- ब्रज के दोहे
रंग बड़ा रसीला, रंग-बिरंगा लाल। बहन जोरी चलत युगल, मत मारलानि चल.. - दोहे ब्रज के
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 20 of 229