कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 21 of 229
भुक्ति मुक्ति चाहत सबै, मोहि न भावति सोइ।
अनुदिन श्री पद रति बढ़ै, जन्म कोटि किन होइ॥
- ब्रज के दोहे
दुखों से मुक्ति सभी चाहते हैं, इसकी ओर कोई आकर्षित नहीं होता। अनुदिन श्री पद रति बधाई, जन्म कोटि किन होई.. -ब्रज के दोहे