कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 202 of 229
श्याम रंग श्यामा रंगी, श्यामा के रंग श्याम।
एक प्राण तन मन सहज, कहिवे कों दोउ नाम॥
- ब्रज के दोहे
श्याम रंग है श्याम रंगी, श्याम का रंग है श्याम। एक प्राण तन मन सहज, दो नाम क्या कहूँ? -ब्रज के दोहे