श्याम लाल बैन्दी बनी शोभा बड़ी अपार

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 201 of 229

श्याम लाल बैन्दी बनी, शोभा बड़ी अपार। प्रगट विराजत ससिन पर, मनु अनुराग सिंगार॥ - ब्रज के दोहे श्याम लाल बन्दी बन गया, उसकी सुन्दरता हद से ज्यादा बढ़ गयी। सिंहासन पर प्रकट होकर मनु स्नेह से श्रृंगार करते हैं।-ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की