कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 204 of 229

श्री राधा पद पद्म रस, पगी रसीली भूमि। प्रणवों श्री वृषभानुपुर, लता द्रुमि रही झूमि॥ - ब्रज के दोहे श्री राधा पद्म पद्म रस, पगी रासी भूमि। प्रणवों श्री वृषभानुपुर, लता द्रुमि रहि झूमि.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की