कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 205 of 229
श्री राधा वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार।
वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रणवों बारम्बार॥
- ब्रज के दोहे
श्री राधा वशभानुजा, भक्त प्रणधर। वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रणवों बाराम्बर.. - braj ke dohe
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 205 of 229