कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 210 of 229
उज्जल जैसी चन्द्रिका, मीठी जैसी खाँड।
चरण भक्ति दै राधिके, मुक्ति न चहियै राँड॥
- ब्रज के दोहे
चंद्रमा जैसा उज्ज्वल, चंद्रमा जैसा मधुर। श्रीराधिका के चरणों में भक्ति दो, मोक्ष वेश्या की खोज मत करो.. - braj ke dohe