कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 211 of 229

वन्दौं राधा के परम, पावन पद अरविन्द। जिनको मृदु मकरन्द नित, चाहत स्याम मिलिन्द॥ - ब्रज के दोहे वंदौं राधा की परम, पवन पद अरविन्द। जिनको निशदिन का शीतल रस प्रिय है, उन्हें स्याम मिलिंद प्रिय है.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की