कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 226 of 229

वृंदावन रज पायलई, तो पाय को क्या रहयौ। राधा प्यारी धयाए ली, तो धयाए को क्या रहयौ॥ - ब्रज के दोहे यदि वृन्दावन राजसी प्याला है, तो चुकाने को बचा ही क्या है? प्रिय राधा, नर्स ले लोगी तो नर्स को क्यों छोड़ोगी? -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की